Wednesday, 14 June 2017

आपदा की स्थिति में एक बीमा दावा फाइल करने के लिए कैसे तैयार करें.
आग, बाढ़, चोरी - आपको कभी नही पता कि आपको कब अपने घर की बीमा पॉलिसी पर एक दावा फाइल करने की आवश्यकता होगी नहीं। आप मुआवजा सुनिश्चित कर लें और अपने घर के सामान और ज़रूरी चीज़ों के डिजिटल तस्वीरें फ़्लिकर जैसी साइट पर उन्हें अपलोड करके रखें. लिए।
आप भी एक बीमा नुकसान निर्धारक की सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं (संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सार्वजनिक समायोजक के रूप में जाना जाता है) जब आप अपनी बीमा कंपनी के साथ एक दावा कर रहे हों चाहिए। जब आप एक बीमा दावा करते हैं, बीमा कंपनी तुरंत आपके मामले के लिए एक बीमा नुकसान समायोजक को नियुक्त करती है। एक बीमा नुकसान समायोजक की नौकरी मामले का अध्ययन क़रना और बीमा कंपनी के लिए संभावित भुगतान के रूप में छोटे-छोटे भुगतान सुनिश्चित करना है। एक बीमा नुकसान निर्धारक यह सुनिश्चित करने के दावेदार के लिए काम करता है। कि आपका भुगतान सही हो बजाय कि बीमा कंपनी के लिए सूट हो है। आप और आपका नुकसान निर्धारक सामान्य रूप से मामले में शामिल व्यक्तियों में हैं जो दिल से उस पर कम करते हैं।

Monday, 5 June 2017

India vs Pak match

🎋🇮🇳🎍
☹केजरीवाल :- जनता पाकिस्तान के साथ है, फिर भारत ये मैच कैसे जीत सकता है ?? मोदी जी ने स्कोरबोर्ड से छेड़छाड़ करवाई है जी। जब 40 ओवर में 213 रन बनते हैं,10 ओवर में 53 के हिसाब से,तो अंतिम 8 ओवर में इन्होंने100 से ज्यादा रन कैसे बना लिए इसकी जाँच होनी चाहिये। मोदी जी देश की आँखों में धूल झोंक रहे हैं।

☹सौरभ भारद्वाज :- मैंने विदेशों में काफी कार्य किया है।मैं जानता हूँ कि स्कोरबोर्ड कैसे हैक किया जाता है। मैं केवल 90 सेकंड में मैं स्कोरबोर्ड हैक कर सकता हूँ।मैं चुनौती देता हूँ, केवल 90 सेकंड मुझे दे दो,फिर देखना केवल पाकिस्तान ही जीतेगा।

☹मायावती :- मोदी जी मनुवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वो दूसरों को आगे बढ़ने  देना नही चाहते। उनके राज में मुस्लिमों पर अत्याचार बढ़ा है। हमारी संवेदनायें पाकिस्तान के साथ है।

🤢राहुल गाँधी :- मोदी जी केवल एक विचारधारा सब पर थोपना चाहते हैं। इसलिये उन्होंने पहले तो पाकिस्तानियों को खूब मारा और फिर जब उनकी बल्लेबाजी आयी,तो जल्दी आउट कर दिया। ये उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। उन्हें भी हक है चौके छक्के मारने का। उन्हें भी हक था कि वो पुरे 48 ओवर्स बल्लेबाजी करते। इस तरह आप उन्हें नही हरा  सकते। आप उनका हक छीन रहे हो ।हम उनके हक के लिए हमेशा लड़ते रहे हैं, और आगे भी लड़ेंगे। हम मोदी जी से डरने वाले नही हैं।

☹के सी त्यागी :- देखिये,क्रिकेट एक सेक्युलर खेल है, और यही इसकी खूबसूरती है। आप इस तरह किसी को नही हरा सकते । मैं मानता हूँ कि अंतिम के ओवरों में कोहली को ज्यादा आक्रामक नही होना चाहिए था, और पंड्या ने जो लगातार तीन छक्के मारे मैं उससे बिल्कुल भी सहमत नही हूँ। ऐसा नही होना चाहिये था।यह घटना दुखद घटना है। मैं इसकी निंदा करता हूँ।

😐मुलायम सिंह यादव :- पाकिस्तान को जिताने के लिये अगर मुझे कई खिलाड़ियों के टिकट काटने पड़ते,तो भी मैं पीछे नही हटता।

😵लालू यादव :- हॉप बुड़बक, ई कौनो अपने से जीता है।मोदिया जितवाया है सबके।ई सब संघी विचारधारा के लोग भारत के लिए खतरा है।बताईये त, अपना बेरी चार बार पानी गिरवाये, सुस्ता सुस्ता के बैटिंग किए.... 
अउ जब पाकिस्तान का बारी आया तो धूप निकलवा दिये। एतना गर्मी में कौन खेले पायेगा। अब देखियेगा, हम सब ऊपरे वाला मिल के ई सब संघी लोग के कैसे आउट करेंगे....जाइये रहे हैं दिल्ली।
☺☺🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

Death can not postpone

भगवान विष्णु गरुड़ पर बैठ कर कैलाश पर्वत पर गए।
द्वार पर गरुड़ को छोड़ कर खुद शिव से मिलने अंदर
चले गए। तब कैलाश की अपूर्व प्राकृतिक शोभा
को देख कर गरुड़ मंत्रमुग्ध थे कि तभी उनकी नजर
एक खूबसूरत छोटी सी चिड़िया पर पड़ी।
चिड़िया कुछ इतनी सुंदर थी कि गरुड़ के सारे
विचार उसकी तरफ आकर्षित होने लगे।
उसी समय कैलाश पर यम देव पधारे और अंदर जाने से
पहले उन्होंने उस छोटे से पक्षी को आश्चर्य की
द्रष्टि से देखा। गरुड़ समझ गए उस चिड़िया का अंत
निकट है और यमदेव कैलाश से निकलते ही उसे अपने
साथ यमलोक ले जाएँगे।

गरूड़ को दया आ गई। इतनी छोटी और सुंदर
चिड़िया को मरता हुआ नहीं देख सकते थे। उसे अपने
पंजों में दबाया और कैलाश से हजारो कोश दूर एक
जंगल में एक चट्टान के ऊपर छोड़ दिया, और खुद
बापिस कैलाश पर आ गया।

आखिर जब यम बाहर आए तो गरुड़ ने पूछ ही लिया
कि उन्होंने उस चिड़िया को इतनी आश्चर्य भरी
नजर से क्यों देखा था। यम देव बोले "गरुड़ जब मैंने
उस चिड़िया को देखा तो मुझे ज्ञात हुआ कि वो
चिड़िया कुछ ही पल बाद यहाँ से हजारों कोस दूर
एक नाग द्वारा खा ली जाएगी। मैं सोच रहा था
कि वो इतनी जलदी इतनी दूर कैसे जाएगी, पर अब
जब वो यहाँ नहीं है तो निश्चित ही वो मर चुकी
होगी।"

गरुड़ समझ गये "मृत्यु टाले नहीं टलती चाहे कितनी
भी चतुराई की जाए।"

इस लिए कृष्ण कहते है।
करता तू वह है 
जो तू चाहता है
परन्तु होता वह है
जो में चाहता हूँ
कर तू वह 
जो में चाहता हूँ
फिर होगा वो 
जो तू चाहेगा ।
  जीवन के 6 सत्य:-
1. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने खूबसूरत हैं ?
क्योंकि..लँगूर और गोरिल्ला भी अपनी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित कर लेते हैं..
2. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका शरीर कितना विशाल और मज़बूत है ?
क्योंकि...श्मशान तक आप अपने आपको नहीं ले जा सकते....
3. आप कितने भी लम्बे क्यों न हों , मगर आने वाले कल को आप नहीं देख सकते....
4. कोई फर्क नहीं पड़ता कि , आपकी त्वचा कितनी गोरी और चमकदार है
क्योंकि...अँधेरे में रोशनी की जरूरत पड़ती ही है...
5 . कोई फर्क नहीं पड़ता कि " आप " नहीं हँसेंगे तो सभ्य कहलायेंगे ?
क्यूंकि ..." आप " पर हंसने के लिए दुनिया खड़ी है ?
6. कोई फर्क नहीं पड़ता कि ,आप कितने अमीर हैं ? और दर्जनों गाड़ियाँ आपके पास हैं ? 
क्योंकि...घर के बाथरूम तक आपको चल के ही जाना पड़ेगा...
 इसलिए संभल के चलिए ... ज़िन्दगी का सफर छोटा है , हँसते हँसते काटिये , आनंद आएगा ।।
जय श्री कृष्ण

Wednesday, 31 May 2017

Missionary and jihadi work in India

मिशनरी हो या मुसल्ले,जहाँ भी गए अपने धर्म प्रसार-प्रचार हेतु ही गए।.. 
जब ये विदेशी आक्रांता भारत आये तो यहाँ के हर चीज पे वार किए.. धन और सत्ता तो केंद्र में थी ही थी साथ ही साथ आस्था,विश्वास,धर्म पे भी खूब कुठाराघात किये।.. हमारा मनोबल तोड़ने, हमें नीचा दिखाने,हमारा मखौल उड़ाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़े।
जब यहाँ आये तो देखा कि मिट्टी,पत्थर, सोने,चांदियों से बने मूर्तियों के प्रति बहुत गहरी आस्था है.. तो वे हमें दिखा-दिखा कर ही लूटे-खसोटे और तोड़-फोड़ कर खण्डित-खण्डित किये.. देखो रे अपने भगवान को जिसकी तुम पूजा करते हो.. टूट रहा है खण्डित हो रहा है फिर भी नहीं आ रहा है.. इनके भक्त कट रहे हैं फिर भी प्रकट नहीं हो रहा हैं.. कैसा है रे तेरा भगवान!? .. हमारे सामने ही मूर्तियों को पैरों से रौंद डालते.. दिखा-दिखा कर रौंदते और हम कुछ न कर पाते।.. मंदिरों को जमींदोज कर कर मस्जिदें खड़ी कर दी गई!! .. किसलिए !? .. तुम्हें अपने धर्म से विमुख करने के लिए.. तुम्हारे मनोबल को चूर-चूर करने के लिए.. तुम्हें लज्जित करने के लिए.. ताकि तुम उनके समधर्मी बन सको।
बाद में वे अगला चरण चलते हुए बौद्धिक हमला करेंगे.. मूर्ति पूजा कहीं से भी ठीक नहीं है.. तुम्हारे वेदों में भी इसकी निंदा की गई है।.. पत्थर को पूजने से कुछ नही हासिल होने वाला.. वगेरह वगेरह..
और पढ़े-लिखे भोले हिन्दू इस सुर में सुर मिलाते नज़र आएंगे।
अब मन्दिर से उठे तो दूसरी आस्था पे टूट पड़े.. "गाय"
तुम्हारे सामने गाय काटेंगे.. सरेआम काटेंगे.. खाएंगे भी सरेआम .. तुम क्या कबाड़ लोगे.. तेरी माँ का हम कीमा बना के खाएंगे,घण्टा उखाड़ लोगे तुम हमारा।
अब बौद्धिक हमला झेलो...
अरे मांस तो मांस होता है चाहे वो गाय का हो या बकरे का.. साइंटिस्ट बताते है कि गाय का मांस सबसे उपयुक्त मांस होता है खाने के लिहाज से.. अगर गाय तुम्हारी माता है तो फिर तुम्हारी माता कौन है!?... गाय तुम्हारी माता हो सकती है तो भैंस,बकरी को चाची-मौसी तो हो ही सकती है।.. जीव आखिर जीव ही होता है.. चाहे गाय मरे,बकरी मरे, भैंस मरे या ऊंट मरे.. जान तो सबके होते है न! तो फिर गाय पे इतनी हाय-तौबा क्यों??
अब इसमें पढ़े-लिखे भोले हिन्दू अपना पिछवाड़ा उठा समर्थन करते मिलेंगे.. बीफ पार्टी आयोजन करेंगे.. सरेआम गाय काटेंगे... तुमको जो उखाड़ना है उखाड़ लो।
कल चलते-चलते तुलसी का पौधा को पकड़ेंगे.. कुछ लेना-देना तो रहेगा नहीं.. लेकिन तुम्हें नीचा दिखाने के लिए कुछ भी करेंगे.. तुम्हारे सामने उसके ऊपर मुतेंगे.. क्या कर लोगे तुम उसका!?
उसके बाद बौद्धिक तर्क झेलो..
अबे पौधा पौधा होता है.. चाहे वो तुलसी का हो या किसी और का.. तुम भी कहीं बाहर मूतते होगे तो किसी घास-फूंस के ऊपर ही जाता होगा.. तो तुलसी के ऊपर हम मूत दिए तो क्या हो गया!? .. अगर तुलसी 24 घण्टे ऑक्सीजन देती है तो अन्य पौधे क्या कार्बनडाईऑक्साइड छोड़ते है!?
अब इसमें पढ़े-लिखे भोले हिन्दू हलेलुइया हलेलुइया करेंगे।
इसके बाद फिर "सिंदूर" को कुछ ऐसे ही अपमानित करेंगे मखौल उड़ाएंगे।
अबे हिन्दू के अलावे दुनिया के किसी भी धर्म की औरतें सिंदूर नहीं लगाती हैं.. तो क्या वो सुहागन नहीं होती हैं.. बच्चे पैदा नहीं करती हैं.. उनके खोपड़ियों को ठंडक नही मिलती हैं ??
इसमें भी पढ़े-लिखे भोले हिन्दू लोग सियार की भांति हुंआ-हुँआ करने लगेंगे।
और भी ऐसे ही अन्य चीजें पकड़ लीजिये जिसपे हमारी आस्था है व पहचान है उसपे इसी तरह से हमला करेंगे और मखौल उड़ाएंगे। और इसमें हमारे पढ़े-लिखे भोले हिन्दू लोग जिंदाबाद जिंदाबाद करेंगे।
इसके उलट क्या होंगा..
एक पढ़ा-लिखा भोला टाइप का हिन्दू क्या प्रश्न उठाएगा..
"भाई वो आप अपने औरतों को बुरके में क्यों रखते हो?"
उ० - "भाई आला-ताला ने हमारी ख़्वातीनों को बड़े प्यार से बनाया है.. इसलिए हम उन्हें बुरके अंदर रखते हैं.. हमारे धर्म में बिना परदे के स्त्रियों का रहना हराम माना गया है।"
"भाई वो तीन तलाक का क्या लफड़ा है!?"
"भाई वो हमारा अपना मजहबी मामला है उसमें बीच में पड़ने का नहीं।"
"भाई वो लुल्ली काटना क्यों जरूरी होता है!?"
"इसके पीछे साइंटिफिक रीजन है.. इससे ये नहीं होता इससे वो नहीं होता.. फलाना बीमारी नहीं होता.. वगेरह वगेरह।"
"भाई वो काबा में जा के काले पत्थर को क्यों चूमते हो!!"
"भाई वो हमारे लिए सबसे पवित्र जगह है.. हर मुसलमान का फर्ज है कि उस पत्थर को चुम्मे.. उसको हमारे अब्राहम को देवदूत गैब्रिएल ने दिया था।"
और इन सब चीजों के जवाब में पढ़े-लिखे भोले हिन्दू लोग आमीन-आमीन करते नजर आएंगे।
वे तुम्हारी आस्थाओं का तुम्हारे सामने ही मट्टी-पलीद करते हुए तुम्हारी वाट लगा रहे हैं और तुम बुद्धिजीवी नामक नपुंसकता का लबादा ओढ़े पिछवाड़ा उठाये जा रहे हो और उनकी चूतियापा भरी आस्थाओं के ऊपर चूं तक नहीं करते हो।
एक बात कान खोल कर सुन लो हिंदुओं... वे गाय खाने के लिए नहीं काट रहे बल्कि तुम्हारी औकात नापने के लिए काट रहे हैं.. और भविष्य में ऐसे ही और भी चीजों में औकात नापते रहेंगे.. तुम पकड़ के घण्टा हिलाते रहना।
(नोट- ऊपर जो पढ़े-लिखे 'भोले' हिन्दू में जो 'भोला' शब्द प्रयोग में आया है उसका अर्थ 'चमन चूतिया' पकड़े)

Friday, 26 May 2017

Sugar Good or Bad

चीनी बनाने की सबसे पहली मिल अंग्रेजो ने 1868 मेँ लगाई थी ।उसके *"पहले भारतवासी शुद्ध देशी गुड़ खाते थे और कभी बीमार नहीँ पड़ते थे"* 

चीनी एक जहर है जो अनेक रोगों का कारण है, जानिये कैसे...
ⓐⓡⓐ
(1)-- चीनी बनाने की प्रक्रिया में गंधक का सबसे अधिक प्रयोग होता है । गंधक माने पटाखों का मसाला
ⓐⓡⓐ
(2)-- गंधक अत्यंत कठोर धातु है जो शरीर मेँ चला तो जाता है परंतु बाहर नहीँ निकलता ।
ⓐⓡⓐ
(3)-- चीनी कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाती है जिसके कारण हृदयघात या हार्ट अटैक आता है ।
ⓐⓡⓐ
(4)-- चीनी शरीर के वजन को अनियन्त्रित कर देती है जिसके कारण मोटापा होता है ।
ⓐⓡⓐ
(5)-- चीनी रक्तचाप या ब्लड प्रैशर को बढ़ाती है ।
ⓐⓡⓐ
(6)-- चीनी ब्रेन अटैक का एक प्रमुख कारण है ।
ⓐⓡⓐ
(7)-- चीनी की मिठास को आधुनिक चिकित्सा मेँ सूक्रोज़ कहते हैँ जो इंसान और जानवर दोनो पचा नहीँ पाते ।
ⓐⓡⓐ
(8)-- चीनी बनाने की प्रक्रिया मेँ तेइस हानिकारक रसायनोँ का प्रयोग किया जाता है ।
ⓐⓡⓐ
(9)-- चीनी डाइबिटीज़ का एक प्रमुख कारण है ।
ⓐⓡⓐ
(10)-- चीनी पेट की जलन का एक प्रमुख कारण है ।
ⓐⓡⓐ
(11)-- चीनी शरीर मे ट्राइ ग्लिसराइड को बढ़ाती है ।
ⓐⓡⓐ
(12)-- चीनी पेरेलिसिस अटैक या लकवा होने का एक प्रमुख कारण है।
ⓐⓡⓐ
(13) कृपया जितना हो सके, चीनी से गुड़ पे आएँ ।
अच्छी बातें, अच्छे लोगों, अपने मित्र , रिश्तेदार और ग्रुप में अवश्य शेयर करे ।।अरोग्या भारती चित्रकूटधाम विभाग
Powered by Blogger.

 

© 2013 Help in Hindi. All rights resevered. Designed by Templateism

Back To Top